Economic Package: Fm Nirmala Sitaraman Announces Private Partnership In Coal And Space Sector – आर्थिक पैकेज: कोल सेक्टर से लेकर अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों को मौका, बड़ी बातें  




बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 16 May 2020 06:08 PM IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
– फोटो : DD

ख़बर सुनें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की कड़ी में आज वित्त मंत्रालय ने इसकी चौथी किस्त जारी की। इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि काफी क्षेत्रों में नीतियों के सरलीकरण की जरूरत है। पीएम मोदी ने आर्थिक सुधार को लेकर कई कदम उठाए हैं। डीबीटी, जीएसटी, आईबीसी पर काफी काम हुआ। आज की प्रेस कांफ्रेंस में कोयला सेक्टर से लेकर अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी की अहम घोषणा हुई। जानिए बड़ी बातें – 

  • कोयला सेक्टर में आत्मनिर्भरता के लिए 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। 50 कोयला ब्लॉक का तत्काल आवंटन होगा। कोयल क्षेत्र में वाणिज्यिक खनन होगा यानि निजी कंपनियों को भी मौका मिलेगा। सही कीमत पर अधिक कोयला मिलेगा। कोयला क्षेत्र में सरकार का एकाधिकार खत्म होगा। अब राजस्व साझा किया जाएगा। कोशिश होगी कि उतना ही कोयला आयात किया जाए जितने की जरूरत है। हम अपनी भंडारण क्षमता का उपयोग नहीं कर पाए। निवेश के जरिेए इसमें सुधार किया जाएगा। 
  • अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों को मौका मिलेगा। सैटेलाइट लांचिंग और अंतरिक्ष आधारित सेवाओं में निजी सेक्टर को शामिल किया जाएगा। निजी कंपनियों को इसरो की सुविधाओं का भी लाभ उठाने दिया जाएगा। ग्रहों की खोज, बाह्रा अंतरिक्ष यात्रा निजी क्षेत्र के लिए खुलेगी। रिमोट सेंसिग डाटा के लिए उदार नीति लाएंगे। 
  • इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए योजना बनेगी। जीआईएस मैपिंग के जरिए इंडस्ट्रियल लैंड का पता लगाया जाएगा। 5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 3376 औद्योगिक पार्क, सेज फैले हुए हैं। हर मंत्रालय  में परियोजना विकास इकाई परियोजनाओं पर काम करेगी। ये इकाई देखेगी कि कहां पर निवेश हो सकता है और क्या संभावनाए हैं। 
  • निजी क्षेत्र में अन्वेषण सह खनन सह उत्पादन की नीति शुरू होगी। 500 खनिज ब्लॉक नीलामी के लिए उपलब्ध होंगे। माइनिंग प्लान को छोटा किया जाएगा ताकि ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में मदद मिल सके। एल्युमिनियम इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बॉक्साइट और कोल मिनरल ब्लॉक की संयुक्त नीलामी होगी। 
  • रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए मेक इन इंडिया की जरूरत है। इसके लिए साल दर साल हथियारों के आयात पर पाबंदी की लिस्ट जारी की जाएगी। इन्हें सिर्फ भारत में ही बनाया और खरीदा जा सकेगा। इनका निर्माण भारत की कंपिनियां ही कर सकेंगी, इसके लिए अलग से बजट होगा। इसका सीधा लाभ स्वदेशी कंपनियों को मिलेगा और यही सैन्य साजो-सामान की आपूर्ति करेंगी। आयुधी निर्माणी बोर्ड (ऑर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड) को निगमीकृत किया जाएगा। ऑटोमैटिक रूट से रक्षा उत्पादन क्षेत्र में एफडीआई को 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी किया जाएगा।
  • अभी देश में सिर्फ 60 फीसदी भारतीय एयर स्पेस ही उपलब्ध हैं। इसे सरल व सुगम बनाएंगे जिससे नागरिक विमानों को सुविधा मिले और समय की बचत हो। इसे दो महीने के अंदर सुलझा लिया जाएगा। इससे उड्डयन क्षेत्र को 1000 करोड़ रुपये का लाभ होगा। पर्यावरण को फायदा होगा, लोगों का समय बचेगा, बजट भी घटेगा। इससे नागरिक विमानों की आवाजाही और आसान होगी। छह और हवाई अड्डों की तीसरे दौर में नीलामी होगी। पीपीपी आधारित छह विश्वस्तरीय एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। 
  • केंद्र शासित प्रदेशों में टैरिफ पॉलिसी रिफॉर्म के तहत बिजली वितरण में सुधार होगा, उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाया जाएगा। बिजली कंपनियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बिजली वितरण में स्थिरता आएगी। सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। बाकी उम्मीद है कि बाकी राज्य भी इसे देखकर जरूर सुधार करेंगे। 
  • सामाजिक बुनियादी ढांचे में निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए 8100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा। 
  • आण्विक ऊर्जा से जुड़ी नीतियां बनेंगी। मेडिकल आइसोटोप उत्पादन के लिए रिसर्च रिएक्टर पीपीपी मॉडल के जरिए बनेंगे। कोविड 19 के जरिेए हमने पूरी दुनिया में मेडिकल सामान पहुंचाया, उसे और आगे बढ़ाएंगे। खाद्य संरक्षण के लिए विकिरण तकनीक पीपीपी के जरिए होगी। इससे किसानों को बहुत लाभ होगा।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की कड़ी में आज वित्त मंत्रालय ने इसकी चौथी किस्त जारी की। इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि काफी क्षेत्रों में नीतियों के सरलीकरण की जरूरत है। पीएम मोदी ने आर्थिक सुधार को लेकर कई कदम उठाए हैं। डीबीटी, जीएसटी, आईबीसी पर काफी काम हुआ। आज की प्रेस कांफ्रेंस में कोयला सेक्टर से लेकर अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी की अहम घोषणा हुई। जानिए बड़ी बातें – 

  • कोयला सेक्टर में आत्मनिर्भरता के लिए 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। 50 कोयला ब्लॉक का तत्काल आवंटन होगा। कोयल क्षेत्र में वाणिज्यिक खनन होगा यानि निजी कंपनियों को भी मौका मिलेगा। सही कीमत पर अधिक कोयला मिलेगा। कोयला क्षेत्र में सरकार का एकाधिकार खत्म होगा। अब राजस्व साझा किया जाएगा। कोशिश होगी कि उतना ही कोयला आयात किया जाए जितने की जरूरत है। हम अपनी भंडारण क्षमता का उपयोग नहीं कर पाए। निवेश के जरिेए इसमें सुधार किया जाएगा। 
  • अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों को मौका मिलेगा। सैटेलाइट लांचिंग और अंतरिक्ष आधारित सेवाओं में निजी सेक्टर को शामिल किया जाएगा। निजी कंपनियों को इसरो की सुविधाओं का भी लाभ उठाने दिया जाएगा। ग्रहों की खोज, बाह्रा अंतरिक्ष यात्रा निजी क्षेत्र के लिए खुलेगी। रिमोट सेंसिग डाटा के लिए उदार नीति लाएंगे। 
  • इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए योजना बनेगी। जीआईएस मैपिंग के जरिए इंडस्ट्रियल लैंड का पता लगाया जाएगा। 5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 3376 औद्योगिक पार्क, सेज फैले हुए हैं। हर मंत्रालय  में परियोजना विकास इकाई परियोजनाओं पर काम करेगी। ये इकाई देखेगी कि कहां पर निवेश हो सकता है और क्या संभावनाए हैं। 
  • निजी क्षेत्र में अन्वेषण सह खनन सह उत्पादन की नीति शुरू होगी। 500 खनिज ब्लॉक नीलामी के लिए उपलब्ध होंगे। माइनिंग प्लान को छोटा किया जाएगा ताकि ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में मदद मिल सके। एल्युमिनियम इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बॉक्साइट और कोल मिनरल ब्लॉक की संयुक्त नीलामी होगी। 
  • रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए मेक इन इंडिया की जरूरत है। इसके लिए साल दर साल हथियारों के आयात पर पाबंदी की लिस्ट जारी की जाएगी। इन्हें सिर्फ भारत में ही बनाया और खरीदा जा सकेगा। इनका निर्माण भारत की कंपिनियां ही कर सकेंगी, इसके लिए अलग से बजट होगा। इसका सीधा लाभ स्वदेशी कंपनियों को मिलेगा और यही सैन्य साजो-सामान की आपूर्ति करेंगी। आयुधी निर्माणी बोर्ड (ऑर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड) को निगमीकृत किया जाएगा। ऑटोमैटिक रूट से रक्षा उत्पादन क्षेत्र में एफडीआई को 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी किया जाएगा।
  • अभी देश में सिर्फ 60 फीसदी भारतीय एयर स्पेस ही उपलब्ध हैं। इसे सरल व सुगम बनाएंगे जिससे नागरिक विमानों को सुविधा मिले और समय की बचत हो। इसे दो महीने के अंदर सुलझा लिया जाएगा। इससे उड्डयन क्षेत्र को 1000 करोड़ रुपये का लाभ होगा। पर्यावरण को फायदा होगा, लोगों का समय बचेगा, बजट भी घटेगा। इससे नागरिक विमानों की आवाजाही और आसान होगी। छह और हवाई अड्डों की तीसरे दौर में नीलामी होगी। पीपीपी आधारित छह विश्वस्तरीय एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। 
  • केंद्र शासित प्रदेशों में टैरिफ पॉलिसी रिफॉर्म के तहत बिजली वितरण में सुधार होगा, उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाया जाएगा। बिजली कंपनियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बिजली वितरण में स्थिरता आएगी। सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। बाकी उम्मीद है कि बाकी राज्य भी इसे देखकर जरूर सुधार करेंगे। 
  • सामाजिक बुनियादी ढांचे में निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए 8100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा। 
  • आण्विक ऊर्जा से जुड़ी नीतियां बनेंगी। मेडिकल आइसोटोप उत्पादन के लिए रिसर्च रिएक्टर पीपीपी मॉडल के जरिए बनेंगे। कोविड 19 के जरिेए हमने पूरी दुनिया में मेडिकल सामान पहुंचाया, उसे और आगे बढ़ाएंगे। खाद्य संरक्षण के लिए विकिरण तकनीक पीपीपी के जरिए होगी। इससे किसानों को बहुत लाभ होगा।  




Source link

1 thought on “Economic Package: Fm Nirmala Sitaraman Announces Private Partnership In Coal And Space Sector – आर्थिक पैकेज: कोल सेक्टर से लेकर अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों को मौका, बड़ी बातें  ”

Leave a comment