न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 19 May 2020 07:17 PM IST
सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : पेक्सेल्स
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मंत्रालय ने कहा है कि दंत चिकित्सकों और सहायकों के साथ-साथ इलाज करवाने वाले लोगों को संक्रमण का खतरा है, क्योंकि अधिकांश दंत प्रक्रियाओं में रोगियों के मुह, लार, रक्त और श्वसन पथ के स्राव के साथ नजदीकी संपर्क भी होता है। मंत्रालय ने कहा है कि उचित सावधानी के साथ इलाज किया जाना चाहिए।
दिशानिर्देशों में कहा गया, ‘कई मरीज जो एसोम्टोमैटिक (जिनमें बीमारी के लक्षण नहीं दिखते) होते हैं वह वायरस को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचा सकते हैं। इस कारण से यह सलाह दी जाती है कि डेंटल क्लिनिक जाने वाले सभी मरीजों का पूरी सावधानी से इलाज किया जाए।’
इसके मुताबिक, कंटेनमेंट जोन में डेंटल क्लिनिक खुल नहीं सकेंगे लेकिन डॉक्टर मरीजों को फोन पर या वीडियो कॉल के माध्यम से परामर्श दे सकते हैं। इसके अलावा इस जोन के मरीजों को नजदीकी कोविड दंत चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सुविधा मौजूद रहेगी।
आपात दंत चिकित्सा की स्थिति में रेड जोन में स्थिति चिकित्सा केंद्र में भी इलाज किया जा सकेगा। ऑरेंज और ग्रीन जोन में दंत चिकित्सा क्लिनिक परामर्श प्रदान कर सकते हैं, लेकिन यह केवल आपातकालीन और तत्काल उपचार प्रक्रियाओं तक सीमित रहना चाहिए
दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया है कि क्लिनिक जाने वाले मरीज घड़ी या कोई आभूषण न पहनें साथ ही अतिरिक्त बैग या वस्तुएं लेकर न चलें। मरीज घर पर अलग वाशरूम का इस्तेमाल करें और क्लिनिक के शौचालय का इस्तेमाल करने से बचें। मास्क पहने रहें। कोरोना संदिग्ध मरीज का इलाज करते वक्त डॉक्टर पीपीई किट का इस्तेमाल करें।
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