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10 Thousand Buses Deployed For Migrant Workers Coming To Up From Shramik Special Trains Amid Lockdown – यूपी: दूसरे राज्यों से वापस लौट रहे कामगारों को सुरक्षित घर पहुंचाएंगी 10 हजार बसें, योगी सरकार ने बनाई रणनीति 




न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 04 May 2020 12:18 PM IST

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की बैठक
– फोटो : सोशल मीडिया

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दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश में प्रवासी कामगारों के आने का सिलसिला जारी है। सोमवार को गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक से पांच श्रमिक स्पेशल ट्रेनें प्रवासी कामगार मजदूरों को लेकर यूपी पहुंचेंगी। 

इन मजदूरों को उनके गृह जिले तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड 19 की टीम-11 के अधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की। बैठक में हुए फैसले के आधार पर कामगारों को गृह जिले तक पहुंचाने के लिए 10 हजार बसों की व्यवस्था की गई है।

गृह जिला पहुंचने के बाद उन्हें शासन के क्वारंटीन सेंटर ले जाया जाएगा, जहां उनका हेल्थ चेक अप होगा। इसके बाद उन्हें आवश्यकतानुसार होम क्वारंटीन किया जाएगा या अस्पतालों में भेजा जाएगा। इस कार्य के लिए पूरे प्रदेश में 50 हजार से अधिक मेडिकल टीमें लगाई गई हैं। 

ये टीमें हॉटस्पॉट व क्वारंटीन सेंटरों में स्क्रीनिंग, चेकअप और टेस्टिंग कर रही हैं। प्रदेश सरकार ने क्वारंटीन सेंटरों और आश्रय गृह में 11 लाख लोगों के रहने की व्यवस्था की है। यहां आने वालों को कम्युनिटी किचन के जरिए भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

कम्युनिटी किचन पहले से ही जियो टैग किए गए हैं। अब क्वरंटाइन सेंटर भी जियो टैग किए जा रहे हैं। चेकअप में स्वस्थ पाए गए लोगों को खाद्यान्न के पैकेट और जरूरतमंद निराश्रित लोगों को भरण-पोषण भत्ता देकर घर भेजा जाएगा। जो लोग चेकअप में अस्वस्थ पाए जाएंगे उन्हें हेल्थ सेंटरों में उपचार के लिए भेजा जाएगा।

दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश में प्रवासी कामगारों के आने का सिलसिला जारी है। सोमवार को गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक से पांच श्रमिक स्पेशल ट्रेनें प्रवासी कामगार मजदूरों को लेकर यूपी पहुंचेंगी। 

इन मजदूरों को उनके गृह जिले तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड 19 की टीम-11 के अधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की। बैठक में हुए फैसले के आधार पर कामगारों को गृह जिले तक पहुंचाने के लिए 10 हजार बसों की व्यवस्था की गई है।

गृह जिला पहुंचने के बाद उन्हें शासन के क्वारंटीन सेंटर ले जाया जाएगा, जहां उनका हेल्थ चेक अप होगा। इसके बाद उन्हें आवश्यकतानुसार होम क्वारंटीन किया जाएगा या अस्पतालों में भेजा जाएगा। इस कार्य के लिए पूरे प्रदेश में 50 हजार से अधिक मेडिकल टीमें लगाई गई हैं। 

ये टीमें हॉटस्पॉट व क्वारंटीन सेंटरों में स्क्रीनिंग, चेकअप और टेस्टिंग कर रही हैं। प्रदेश सरकार ने क्वारंटीन सेंटरों और आश्रय गृह में 11 लाख लोगों के रहने की व्यवस्था की है। यहां आने वालों को कम्युनिटी किचन के जरिए भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

कम्युनिटी किचन पहले से ही जियो टैग किए गए हैं। अब क्वरंटाइन सेंटर भी जियो टैग किए जा रहे हैं। चेकअप में स्वस्थ पाए गए लोगों को खाद्यान्न के पैकेट और जरूरतमंद निराश्रित लोगों को भरण-पोषण भत्ता देकर घर भेजा जाएगा। जो लोग चेकअप में अस्वस्थ पाए जाएंगे उन्हें हेल्थ सेंटरों में उपचार के लिए भेजा जाएगा।




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