टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 20 May 2020 08:19 PM IST
इंस्टैंट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप और फेसबुक मैसेंजर पर साइबर अटैक हुआ है। मैसेजिंग एप व्हाट्सएप और मैसेंजर एप को WolfRAT एंड्रॉयड मैलवेयर के जरिए निशाना बनाया गया है। इस मैलवेयर की मदद से व्हाट्सएप और फेसबुक मैसेंजर यूजर्स के फोन में मौजूद फोटो, फोटो, मैसेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग को एक्सेस किया जा रहा है।
Cisco Talos के शोधकर्ताओं ने WolfRAT मैलवेयर के बारे में जानकारी दी है। शोधकर्ताओं का दावा है कि गूगल प्ले-स्टोर पर फ्लैश अपडेट के जरिए ये मैलवेयर फोन में पहुंच रहा है। इस मैलवेयर के जरिए यूजर्स के फोन को रिमोट कंट्रोल पर भी लिया जा सकता है, हालांकि अभी तक यह सामने नहीं आया है कि इस मैलवेयर के जरिए कितने यूजर्स को निशाना बनाया गया है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि WolfRAT एक रिमोट एक्सेस ट्रोजन (RAT) है जो कि DenDroid का अपग्रेडेड वर्जन है। डेनड्रॉयड एक पुराना मैलवेयर है। इस मैलवेयर का सोर्स कोड साल 2015 में लीक हुआ था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि WolfRAT मैलवेयर को व्हाट्सएप मैसेजिंग के दौरान स्क्रीन रिकॉर्ड रिकॉर्डिंग करते हुए देखा गया है। इस मैलवेयर ने फिलहाल थाईलैंड के यूजर्स को निशाना बनाया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस मैलवेयर को Wolf रिसर्च नाम की कंपनी ने तैयार किया है जो कि जासूसी वाले मैलवेयर बनाने के लिए जानी जाती है। यह मैलवेयर फोन के नेटवर्क से भी डाटा चोरी करने में सक्षम है।
इंस्टैंट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप और फेसबुक मैसेंजर पर साइबर अटैक हुआ है। मैसेजिंग एप व्हाट्सएप और मैसेंजर एप को WolfRAT एंड्रॉयड मैलवेयर के जरिए निशाना बनाया गया है। इस मैलवेयर की मदद से व्हाट्सएप और फेसबुक मैसेंजर यूजर्स के फोन में मौजूद फोटो, फोटो, मैसेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग को एक्सेस किया जा रहा है।
Cisco Talos के शोधकर्ताओं ने WolfRAT मैलवेयर के बारे में जानकारी दी है। शोधकर्ताओं का दावा है कि गूगल प्ले-स्टोर पर फ्लैश अपडेट के जरिए ये मैलवेयर फोन में पहुंच रहा है। इस मैलवेयर के जरिए यूजर्स के फोन को रिमोट कंट्रोल पर भी लिया जा सकता है, हालांकि अभी तक यह सामने नहीं आया है कि इस मैलवेयर के जरिए कितने यूजर्स को निशाना बनाया गया है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि WolfRAT एक रिमोट एक्सेस ट्रोजन (RAT) है जो कि DenDroid का अपग्रेडेड वर्जन है। डेनड्रॉयड एक पुराना मैलवेयर है। इस मैलवेयर का सोर्स कोड साल 2015 में लीक हुआ था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि WolfRAT मैलवेयर को व्हाट्सएप मैसेजिंग के दौरान स्क्रीन रिकॉर्ड रिकॉर्डिंग करते हुए देखा गया है। इस मैलवेयर ने फिलहाल थाईलैंड के यूजर्स को निशाना बनाया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस मैलवेयर को Wolf रिसर्च नाम की कंपनी ने तैयार किया है जो कि जासूसी वाले मैलवेयर बनाने के लिए जानी जाती है। यह मैलवेयर फोन के नेटवर्क से भी डाटा चोरी करने में सक्षम है।
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