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Coronavirus Impact Indian Railways May Trim Allowances Of Nearly 13 Lakh Employees Due To Loss During Lockdown – लॉकडाउन के चलते रेलवे को हो रहा नुकसान, 13 लाख कर्मचारियों के भत्ते में कटौती संभव




बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 18 Apr 2020 12:10 PM IST

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देश में तीन मई 2020 तक लॉ़कडाउन है। लॉकडाउन के चलते यात्री ट्रेनें बंद हैं, जिससे रेलवे को मोटा नुकसान हो रहा है। ऐसे में रेल मंत्रालय 13 लाख से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन व भत्ते में कटौती करने की योजना बना रहा है। 

आर्थिक तंगी से गुजर रहा भारतीय रेलवे
योजना के तहत टीए, डीए सहित ओवर टाइम ड्यूटी के भत्तों को समाप्त किया जाएगा। इसके मुताबिक ट्रेन ड्राइवर और गार्ड को ट्रेन चलाने पर प्रति किलोमीटर के हिसाब से मिलने वाला भत्ता नहीं दिया जाएगा। रेलवे के अनुसार, ड्यूटी करने के लिए कर्मचारियों को भत्ता क्यों दिया जाए। लॉकडाउन की वजह से भारतीय रेलवे पहले ही गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। 

भत्ते में 50 फीसदी तक कटौती संभव
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार, ओवर टाइम ड्यूटी के लिए मिलने वाले भत्ते में 50 फीसदी कटौती हो सकती है। मेल-एक्सप्रेस के ड्राइवर और गार्ड को 500 किलोमीटर पर मिलने वाले 530 रुपये भत्ते में 50 फीसदी कमी का सुझाव है। 

साथ ही रेलकर्मियों के वेतन में छह महीने तक कमी करने की सिफारिश की है। इसमें 10 फीसदी से 35 फीसदी तक की कटौती संभव है।
 
इतना ही नहीं, मरीज देखभाल, किलोमीटर समेत नॉन प्रैक्ट्रिस भत्ता में एक साल तक 50 फीसदी कटौती की जा सकती है। वहीं अगर कर्मचारी एक महीने ऑफिस नहीं आता है, तो परिवहन भत्ता 100 फीसदी कटा जा सकता है। इसके अतिरिक्त बच्चों के पढ़ाई भत्ता के लिए 28 हजार मिलते हैं, जिसकी समीक्षा होनी अभी बाकी है।

रेलवे को होगा 1490 करोड़ का घाटा
मालूम हो कि भारतीय रेलवे ने कहा है कि लॉकडाउन की बढ़ी हुई अवधि के दौरान यात्रा के लिए बुक कराए गए टिकटों के पूरे पैसे वापस किए जाएंगे। 22 मार्च से 14 अप्रैल के बीच यात्रा के लिए बुक कराई गई 55 लाख टिकटों के लिए रेलवे 830 करोड़ रुपये की राशि यात्रियों को वापस करेगा। वहीं 15 अप्रैल से तीन मई के बीच यात्रा के लिए 39 लाख बुकिंग की गई थी। इससे रेलवे को राजस्व में करीब 660 करोड़ रुपये का घाटा होगा। यानी भारतीय रेलवे को राजस्व में कुल 1,490 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। 

देश में तीन मई 2020 तक लॉ़कडाउन है। लॉकडाउन के चलते यात्री ट्रेनें बंद हैं, जिससे रेलवे को मोटा नुकसान हो रहा है। ऐसे में रेल मंत्रालय 13 लाख से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन व भत्ते में कटौती करने की योजना बना रहा है। 

आर्थिक तंगी से गुजर रहा भारतीय रेलवे
योजना के तहत टीए, डीए सहित ओवर टाइम ड्यूटी के भत्तों को समाप्त किया जाएगा। इसके मुताबिक ट्रेन ड्राइवर और गार्ड को ट्रेन चलाने पर प्रति किलोमीटर के हिसाब से मिलने वाला भत्ता नहीं दिया जाएगा। रेलवे के अनुसार, ड्यूटी करने के लिए कर्मचारियों को भत्ता क्यों दिया जाए। लॉकडाउन की वजह से भारतीय रेलवे पहले ही गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। 

भत्ते में 50 फीसदी तक कटौती संभव
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार, ओवर टाइम ड्यूटी के लिए मिलने वाले भत्ते में 50 फीसदी कटौती हो सकती है। मेल-एक्सप्रेस के ड्राइवर और गार्ड को 500 किलोमीटर पर मिलने वाले 530 रुपये भत्ते में 50 फीसदी कमी का सुझाव है। 

साथ ही रेलकर्मियों के वेतन में छह महीने तक कमी करने की सिफारिश की है। इसमें 10 फीसदी से 35 फीसदी तक की कटौती संभव है।
 
इतना ही नहीं, मरीज देखभाल, किलोमीटर समेत नॉन प्रैक्ट्रिस भत्ता में एक साल तक 50 फीसदी कटौती की जा सकती है। वहीं अगर कर्मचारी एक महीने ऑफिस नहीं आता है, तो परिवहन भत्ता 100 फीसदी कटा जा सकता है। इसके अतिरिक्त बच्चों के पढ़ाई भत्ता के लिए 28 हजार मिलते हैं, जिसकी समीक्षा होनी अभी बाकी है।

रेलवे को होगा 1490 करोड़ का घाटा
मालूम हो कि भारतीय रेलवे ने कहा है कि लॉकडाउन की बढ़ी हुई अवधि के दौरान यात्रा के लिए बुक कराए गए टिकटों के पूरे पैसे वापस किए जाएंगे। 22 मार्च से 14 अप्रैल के बीच यात्रा के लिए बुक कराई गई 55 लाख टिकटों के लिए रेलवे 830 करोड़ रुपये की राशि यात्रियों को वापस करेगा। वहीं 15 अप्रैल से तीन मई के बीच यात्रा के लिए 39 लाख बुकिंग की गई थी। इससे रेलवे को राजस्व में करीब 660 करोड़ रुपये का घाटा होगा। यानी भारतीय रेलवे को राजस्व में कुल 1,490 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। 




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