न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Fri, 01 May 2020 11:18 AM IST
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चुनाव आयोग ने कहा है कि चुनाव के दौरान कोविड-19 के खिलाफ सुरक्षा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी और 21 दिनों के अंदर चुनाव को संपन्न करा लिया जाएगा। सारी प्रक्रिया 27 मई तक पूरी हो जाएगी।
Election Commission of India (ECI) grants permission for holding elections to the Legislative Council (MLCs) in Maharashtra. The necessary guidelines will need to be ensured for safety against #COVID19 during the elections pic.twitter.com/teikSwVdyi
— ANI (@ANI) May 1, 2020
सीएम ठाकरे ने राज्यपाल कोश्यारी से की मुलाकात
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से शुक्रवार को मुंबई स्थित राज भवन में मुलाकात की। राज भवन से जारी एक बयान में बताया गया कि यह बैठक करीब 20 मिनट तक चली। बैठक के दौरान, ठाकरे ने महाराष्ट्र राज्य के 60वें स्थापना दिवस के मौके पर राज्यपाल को बधाई दी और बदले में शुभकामनाएं स्वीकार की।
इससे पहले सीएम उद्धव ठाकरे को विधान परिषद में मनोनीत करने के लिए राज्य मंत्रिमंडल के सिफारिश करने के कुछ ही दिन बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने चुनाव आयोग से राज्य विधानमंडल के उच्च सदन की नौ रिक्त सीटों के लिए चुनाव की घोषणा करने का अनुरोध किया था।
उद्धव के लिए 27 मई तक विधानसभा के किसी भी सदन में चुना जाना आवश्यक है। राज्य मंत्रिमंडल ने दो बार कोश्यारी से सिफारिश की थी कि वह राज्यपाल के कोटे से ठाकरे को विधान परिषद में मनोनीत करें। इसके बावजूद कोश्यारी ने चुनाव आयोग से चुनाव कराने का अनुरोध करने का फैसला किया।
राजभवन से जारी एक बयान में कहा गया था कि चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग को पत्र लिखने के लिए राज्यपाल से अनुरोध करने संबंधी उद्धव ठाकरे का लिखा पत्र उन्हें गुरुवार शाम को सौंपा गया।
इसमें कहा गया है कि यह पत्र राज्य के शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना सचिव मिलिंद नारवेकर ने सौंपा। ये नौ सीटें 24 अप्रैल से रिक्त हैं। उद्धव ठाकरे राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, ऐसे में उन्हें 27 मई 2020 से पहले विधानमंडल के किसी सदन में निर्वाचित होना पड़ेगा।
दरअसल, चुनाव आयोग ने कोरोना वायरस संकट के चलते इन नौ सीटों पर चुनाव प्रक्रिया रोक रखी थी। बता दें कि ठाकरे ने 28 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, जिसके बाद उन्हें छह महीने के अंदर राज्य विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य बनना होगा।