न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Updated Tue, 09 Jun 2020 07:21 AM IST
H.D. Deve Gowda
जदएस सुप्रीमो और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने कर्नाटक से राज्यसभा की 4 सीटों पर 19 जून को होने चुनाव में किस्मत आजमाने का फैसला लिया है। वह आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे। यह जानकारी सोमवार को देवगौड़ा के बेटे एचडी कुमारस्वामी ने दी। इस बीच भाजपा ने ईरन्ना कदाड़ी और अशोक गस्ती को उम्मीदवार बनाया है।
कुमारस्वामी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने यह फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कई राष्ट्रीय नेताओं और पार्टी विधायकों के अनुरोध पर लिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि देवगौड़ा राज्यसभा के लिए मनाना आसान काम नहीं रहा। विधानसभा में जदएस के 34 विधायक हैं। अपने दम पर राज्यसभा की सीट जीतना उसके लिए मुश्किल है और इसके लिए उसे कांग्रेस के अतिरिक्त विधायकों की जरूरत पड़ेगी।
राज्य से एक राज्यसभा सीट के लिए न्यूनतम 44 वोट की जरूरत है। कांग्रेस के 68 विधायक हैं जबकि भाजपा के 117 विधायक हैं। नामांकन की आखिरी तारीख 9 जून है। कांग्रेस एक और भाजपा दो सीटों पर आसानी से जीत हासिल कर लेंगी।
यदि 87 वर्षीय देवगौड़ा जीत हासिल करते हैं तो यह राज्यसभा में उनका दूसरा कार्यकाल होगा। पहली बार वह 1996 में बतौर प्रधानमंत्री राज्यसभा सांसद के तौर पर ही बने थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में तुमकुर सीट पर उन्हें भाजपा के जीएस बसवराज से हार झेलनी पड़ी थी। कांग्रेस और जदएस गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर वह तुमकुर से चुनाव लड़े थे। उन्होंने अपनी परंपरागत हासन सीट अपने पौत्र प्राज्वल रेवन्ना के लिए छोड़ दी थी।
- संघ पृष्ठभूमि से हैं कदाड़ी और गस्ती
भाजपा की प्रदेश इकाई ने राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर प्रभाकर कोरे, रमेश कट्टी और प्रकाश शेट्टी के नामों की सिफारिश की थी लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने ईरन्ना कदाड़ी और अशोक गस्ती के नाम पर मुहर लगाई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ये दोनों नेता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से हैं। कदाड़ी बेलगावी और गस्ती रायचूर से आते हैं।
54 वर्षीय कदाड़ी ने अपना राजनीतिक करियर 1989 में शुरू किया था। 1994 में भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। 2010 में वह बेलगावी जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। वहीं पेशे से वकील गस्ती भाजपा की ओबीसी सेल के पूर्व महासचिव हैं। वह पिछड़ा वर्ग विकास परिषद के अध्यक्ष भी रहे चुके हैं।
- मल्लिकार्जुन खड़गे ने भरा नामांकन
कांग्रेस की ओर से घोषित उम्मीदवार वरिष्ठ पार्टी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को अपना नामांकन भरा। इस दौरान कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार, विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया और अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता मौजूद थे। चार दशक लंबे राजनीतिक करियर में खड़गे पहली बार राज्यसभा के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। वह हमेशा से लोकसभा चुनाव लड़ते रहे हैं। 2019 आम चुनाव में गुलबर्गा सीट पर उन्हें भाजपा के उमेश जाधव से 95452 वोट से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
जदएस सुप्रीमो और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने कर्नाटक से राज्यसभा की 4 सीटों पर 19 जून को होने चुनाव में किस्मत आजमाने का फैसला लिया है। वह आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे। यह जानकारी सोमवार को देवगौड़ा के बेटे एचडी कुमारस्वामी ने दी। इस बीच भाजपा ने ईरन्ना कदाड़ी और अशोक गस्ती को उम्मीदवार बनाया है।
कुमारस्वामी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने यह फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कई राष्ट्रीय नेताओं और पार्टी विधायकों के अनुरोध पर लिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि देवगौड़ा राज्यसभा के लिए मनाना आसान काम नहीं रहा। विधानसभा में जदएस के 34 विधायक हैं। अपने दम पर राज्यसभा की सीट जीतना उसके लिए मुश्किल है और इसके लिए उसे कांग्रेस के अतिरिक्त विधायकों की जरूरत पड़ेगी।
राज्य से एक राज्यसभा सीट के लिए न्यूनतम 44 वोट की जरूरत है। कांग्रेस के 68 विधायक हैं जबकि भाजपा के 117 विधायक हैं। नामांकन की आखिरी तारीख 9 जून है। कांग्रेस एक और भाजपा दो सीटों पर आसानी से जीत हासिल कर लेंगी।
यदि 87 वर्षीय देवगौड़ा जीत हासिल करते हैं तो यह राज्यसभा में उनका दूसरा कार्यकाल होगा। पहली बार वह 1996 में बतौर प्रधानमंत्री राज्यसभा सांसद के तौर पर ही बने थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में तुमकुर सीट पर उन्हें भाजपा के जीएस बसवराज से हार झेलनी पड़ी थी। कांग्रेस और जदएस गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर वह तुमकुर से चुनाव लड़े थे। उन्होंने अपनी परंपरागत हासन सीट अपने पौत्र प्राज्वल रेवन्ना के लिए छोड़ दी थी।
- संघ पृष्ठभूमि से हैं कदाड़ी और गस्ती
भाजपा की प्रदेश इकाई ने राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर प्रभाकर कोरे, रमेश कट्टी और प्रकाश शेट्टी के नामों की सिफारिश की थी लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने ईरन्ना कदाड़ी और अशोक गस्ती के नाम पर मुहर लगाई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ये दोनों नेता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से हैं। कदाड़ी बेलगावी और गस्ती रायचूर से आते हैं।
54 वर्षीय कदाड़ी ने अपना राजनीतिक करियर 1989 में शुरू किया था। 1994 में भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। 2010 में वह बेलगावी जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। वहीं पेशे से वकील गस्ती भाजपा की ओबीसी सेल के पूर्व महासचिव हैं। वह पिछड़ा वर्ग विकास परिषद के अध्यक्ष भी रहे चुके हैं।
- मल्लिकार्जुन खड़गे ने भरा नामांकन
कांग्रेस की ओर से घोषित उम्मीदवार वरिष्ठ पार्टी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को अपना नामांकन भरा। इस दौरान कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार, विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया और अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता मौजूद थे। चार दशक लंबे राजनीतिक करियर में खड़गे पहली बार राज्यसभा के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। वह हमेशा से लोकसभा चुनाव लड़ते रहे हैं। 2019 आम चुनाव में गुलबर्गा सीट पर उन्हें भाजपा के उमेश जाधव से 95452 वोट से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
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