अपर मुख्य सचिव गृह की ओर से जारी पत्र में सभी जिलों के डीएम और पुलिस कप्तानों को लॉकडाउन का पालन कड़ाई से कराने और कोविड-19 महामारी रोकने के संबंध में प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया है।
पत्र में नोएडा और लखनऊ दोनों पुलिस कमिश्नरेट में भी पुलिस के आपसी तालमेल की कमी को इंगित किया गया है। मेरठ व गाजियाबाद में पुलिस में आपसी तालमेल की कमी का जिक्र है। अपर मुख्य सचिव की ओर से भेजी गई सूची में 15 जिले ऐसे इंगित किए गए हैं जहां पुलिस व स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला हुआ।
33 जिलों में अधिक जमातियों के मिलने पर जताई नाराजगी
अवस्थी ने अपने पत्र में 33 जिलों में जमातियों की संख्या अधिक मिलने पर नाराजगी जताई है। वहीं, मेरठ जोन के लगभग सभी जिलों में लॉकडाउन की स्थिति से असंतोष जताया है। इसमें कोरोना पीड़ितों की संख्या अधिक होना, जमातियों की संख्या अधिक होना, पुलिस पर हमला, पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी को इंगित किया गया है। कानपुर नगर और कानपुर देहात में अवैध शराब के मामले सामने आने और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले का भी जिक्र है।
इन जिलों से शासन असंतुष्ट
लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, बरेली, बदायूं, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा, संभल, खीरी, रायबरेली, सीतापुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, जालौन, प्रयागराज, प्रतापगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, कुशीनगर, बस्ती, गोंडा, बहराइच और बलरामपुर।
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