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Kejriwal Said Bitter Truth, Business World Welcomed – केजरीवाल ने बोला ये ‘कड़वा सच’, व्यापार जगत ने किया स्वागत




अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली 
Updated Sun, 03 May 2020 11:15 PM IST

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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि कोरोना जल्दी में खत्म होने वाला नहीं है। हमें इसके संक्रमण के खतरे के बीच जीने का ‘तरीका’ सीखना होगा। जहां कोरोना के मामले सामने आते हैं, उनका पूरा इलाज होना चाहिए। लेकिन कोरोना के केवल कुछ मामलों के कारण पूरी एरिया को रेड जोन घोषित नहीं करना चाहिए। इससे आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ जाती हैं और लोगों को परेशानी होती है। 

अर्थव्यवस्था सुधारने को लेकर उन्होंने कहा कि अप्रैल के महीने में दिल्ली को 3500 करोड़ रुपये की आय होती थी जो इस बार गिरकर केवल 300 करोड़ रह गई है। अगर इस तरह के हालात बने रहे तो सरकार के पास लोगों को वेतन देने के पैसे भी नहीं बचेंगे। यही कारण है कि उन्होंने सीमित दायरे में अब आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की बात कही है।

मई में सबसे खतरनाक स्तर
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में स्पष्ट रुप से स्वीकार किया है कि एरिया को खोलने से कोरोना के मामलों में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में क्या दिल्ली के लिए यह सही कदम होगा कि आर्थिक गतिविधियों को शुरु कर दिया जाए? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना के लिहाज से यह कदम सही नहीं होगा। एम्स् अस्पताल के एक डॉक्टर के मुताबिक कोरोना का संक्रमण दिल्ली में अपने सर्वोच्च पर जाता दिखाई पड़ रहा है।

मई के महीने में पहले ही अनुमान लगाया जा रहा है कि यह अभी तक के सबसे तेज रफ्तार से बढ़ सकता है। ऐसे में इस खतरे के बीच लोगों की आवाजाही को अनुमति देने से कोरोना के मोर्चे पर लड़ी अब तक की लड़ाई को भारी नुकसान हो सकता है।

व्यापारी वर्ग खुश
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महामंत्री वीके बंसल के मुताबिक दिल्ली सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है। सरकार को धीमी गति से व्यापार को आगे बढ़ाने और उद्योगों को चलाने पर विचार करना चाहिए। सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को अभी खोलने की अनुमति नहीं दी है। इससे भी बाजार में बेहद सीमित संख्या में लोग पहुंच सकेंगे। दूसरे अब लोगों में कोरोना को लेकर काफी जागरुकता भी आ चुकी है। अब बाजार में जाने पर भी लोग शारीरिक दूरी बनाकर रखेंगे। व्यापारी भी अपने स्तर पर इन चीजों पर एहतियात रखेंगे।

देश ने दिखाई एकता
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्याम जाजू ने अमर उजाला से कहा कि कोरोना से निबटने के मामले में अभी तक पूरे देश ने अभूतपूर्व एकता दिखाई है। हमें इस मोर्चे पर इसी तरह डटे रहना चाहिए। जरा सी ढील देने पर हमें इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। 

लेकिन इस स्थिति में देश की अर्थव्यवस्था कैसे सुधरेगी, इस सवाल पर भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के हर वर्ग की चिंता की है। किसानों, मजदूरों और महिलाओं के खातों में सीधे रकम भेजी जा रही है। सरकार मध्यम उद्योगों के लिए भी योजना लेकर आ रही है। इन योजनाओं के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को भी सुधारने का प्रयास किया जाएगा।

‘जहां कम, वहां हम’
भाजपा नेता श्याम जाजू के मुताबिक इस समय में किसी को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं करनी चाहिए। उनकी पार्टी के एक भी नेता ने केजरीवाल सरकार की आलोचना नहीं की है। उन्होंने कहा कि हम यह मानते हैं कि सरकार अपने पूरे प्रयास से इससे निबटने की कोशिश कर रही है। अब हम जहां कम, वहां हम वाली रणनीति पर चल रहे हैं। 
जहां सरकार कमजोर पड़ती दिखेगी, हम उसे वहां सहयोग करेंगे। कुछ जगहों पर लोगों को खून की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए सोमवार को रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से उनके 150 कार्यकर्ता रक्तदान करेंगे। इसी तरह लोगों को भोजन पहुंचाने में भी वे सहयोग कर रहे हैं और आगे भी सहयोग करेंगे।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि कोरोना जल्दी में खत्म होने वाला नहीं है। हमें इसके संक्रमण के खतरे के बीच जीने का ‘तरीका’ सीखना होगा। जहां कोरोना के मामले सामने आते हैं, उनका पूरा इलाज होना चाहिए। लेकिन कोरोना के केवल कुछ मामलों के कारण पूरी एरिया को रेड जोन घोषित नहीं करना चाहिए। इससे आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ जाती हैं और लोगों को परेशानी होती है। 

अर्थव्यवस्था सुधारने को लेकर उन्होंने कहा कि अप्रैल के महीने में दिल्ली को 3500 करोड़ रुपये की आय होती थी जो इस बार गिरकर केवल 300 करोड़ रह गई है। अगर इस तरह के हालात बने रहे तो सरकार के पास लोगों को वेतन देने के पैसे भी नहीं बचेंगे। यही कारण है कि उन्होंने सीमित दायरे में अब आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की बात कही है।

मई में सबसे खतरनाक स्तर
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में स्पष्ट रुप से स्वीकार किया है कि एरिया को खोलने से कोरोना के मामलों में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में क्या दिल्ली के लिए यह सही कदम होगा कि आर्थिक गतिविधियों को शुरु कर दिया जाए? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना के लिहाज से यह कदम सही नहीं होगा। एम्स् अस्पताल के एक डॉक्टर के मुताबिक कोरोना का संक्रमण दिल्ली में अपने सर्वोच्च पर जाता दिखाई पड़ रहा है।

मई के महीने में पहले ही अनुमान लगाया जा रहा है कि यह अभी तक के सबसे तेज रफ्तार से बढ़ सकता है। ऐसे में इस खतरे के बीच लोगों की आवाजाही को अनुमति देने से कोरोना के मोर्चे पर लड़ी अब तक की लड़ाई को भारी नुकसान हो सकता है।

व्यापारी वर्ग खुश
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महामंत्री वीके बंसल के मुताबिक दिल्ली सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है। सरकार को धीमी गति से व्यापार को आगे बढ़ाने और उद्योगों को चलाने पर विचार करना चाहिए। सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को अभी खोलने की अनुमति नहीं दी है। इससे भी बाजार में बेहद सीमित संख्या में लोग पहुंच सकेंगे। दूसरे अब लोगों में कोरोना को लेकर काफी जागरुकता भी आ चुकी है। अब बाजार में जाने पर भी लोग शारीरिक दूरी बनाकर रखेंगे। व्यापारी भी अपने स्तर पर इन चीजों पर एहतियात रखेंगे।

देश ने दिखाई एकता
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्याम जाजू ने अमर उजाला से कहा कि कोरोना से निबटने के मामले में अभी तक पूरे देश ने अभूतपूर्व एकता दिखाई है। हमें इस मोर्चे पर इसी तरह डटे रहना चाहिए। जरा सी ढील देने पर हमें इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। 

लेकिन इस स्थिति में देश की अर्थव्यवस्था कैसे सुधरेगी, इस सवाल पर भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के हर वर्ग की चिंता की है। किसानों, मजदूरों और महिलाओं के खातों में सीधे रकम भेजी जा रही है। सरकार मध्यम उद्योगों के लिए भी योजना लेकर आ रही है। इन योजनाओं के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को भी सुधारने का प्रयास किया जाएगा।

‘जहां कम, वहां हम’
भाजपा नेता श्याम जाजू के मुताबिक इस समय में किसी को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं करनी चाहिए। उनकी पार्टी के एक भी नेता ने केजरीवाल सरकार की आलोचना नहीं की है। उन्होंने कहा कि हम यह मानते हैं कि सरकार अपने पूरे प्रयास से इससे निबटने की कोशिश कर रही है। अब हम जहां कम, वहां हम वाली रणनीति पर चल रहे हैं। 
जहां सरकार कमजोर पड़ती दिखेगी, हम उसे वहां सहयोग करेंगे। कुछ जगहों पर लोगों को खून की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए सोमवार को रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से उनके 150 कार्यकर्ता रक्तदान करेंगे। इसी तरह लोगों को भोजन पहुंचाने में भी वे सहयोग कर रहे हैं और आगे भी सहयोग करेंगे।




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