♦ आपली इयत्ता निवडा ♦

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इ 7 वी सेतू अभ्यास दिवस 40

इ 7 वी  सेतू अभ्यास दिवस 40

विषय  – हिंदी  

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वृक्ष हमारे साथी

रेलगाड़ी में बच्चे खिड़की के पास बैठना चाहते थे। परंतु उनके पहले ही एक दादी ने वह जगह ले ली थी। दादी किसी भी तरीके से वहाँ से उठने के लिए राजी नहीं थी। गाड़ी शुरू हो गई। दादी के पास एक थैली थी। दादी थैली में हाथ डालती थी और कुछ बीज बाहर फेंकती थीं। बच्चे दादी को देख रहे थे। दादी की इस कृति से बच्चों को बड़ा आश्चर्य लगा। आखिर उनसे रहा न गया। उन्होंने पूछा, “दादी जी, आप क्या कर रही हैं?” दादी ने बच्चों से कहा, “बच्चो, देखो, मेरी मुट्ठी में बहुत सारे वृक्षों के बीज हैं। मैं इन्हें राह में फैला रहीं। हूँ। जब बारिश होगी तब जमीन इन्हें बड़ा करेगी। बढ़ते-बढ़ते इनके पौधे बड़े हो जाएँगे। सूरज की किरणों से वे अपना अन्न स्वयं तैयार करेंगे। इनके वृक्ष बनेंगे। उनपर फूल फल लगेंगे। कुछ समय बाद इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को फूल और फल भी देंगे। थके हुए यात्री इनकी छाया में अपनी थकान मिटाएँगे वृक्ष के पास आने से सभी खुश हो जाएँगे।

दादी का यह काम देखकर बच्चे चकित हुए। वे मन ही मन सोचने लगे। पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ अभियान’ की जानकारी बच्चों को मिल गई। बच्चों ने पर्यावरण का महत्व पहचान लिया संकल्प किया कि हम पेड़ लगाएँगे। पेड़ की निगरानी करेंगे। धरती को हराभरा बनाएँगे। उनको हमारे साथी बनाएँगे।