न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 04 May 2020 07:18 PM IST
कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन से विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों सरकार वापस ले आएगी। विदेशों में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। केंद्र सरकार ने विमान और नेवी शिप के जरिए विदेशों से भारतीयों को निकालने को मंजूरी दी है।
भारत के हाई कमिशन और दूतावास फंसे हुए भारतीयों की लिस्ट तैयार कर रहे हैं। यह सुविधा पेमेंट के आधार पर होगी और कमर्शियल फ्लाइट्स उपलब्ध कराए जाएंगे। सात मई से कई चरणों में लोगों को निकाला जाएगा।
फ्लाइट लेने से पहले यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जाएगी। जिन भारतीयों में खांसी, बुखार या सर्दी के लक्षण पाए जाते हैं उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। यात्रा के दौरान, इन सभी यात्रियों को स्वास्थ्य मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। विदेश मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय जल्द ही अपनी वेबसाइटों के माध्यम से इसके बारे में विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।
भारत आने के बाद इन लोगों को 14 दिनों तक अस्पताल या किसी अन्य स्थान पर क्वारंटीन में रखा जाएगा। गृह मंत्रालय ने कहा कि गंतव्य पर पहुंचने पर सभी यात्रियों को आरोग्य सेतु एप पर पंजीकरण करना होगा और सभी की चिकित्सकीय जांच की जाएगी।
संबंधित राज्य सरकार द्वारा निर्धारित और भुगतान किए गए अस्पताल या संस्थागत केंद्र में 14 दिनों के लिए रखा जाएगा। गृह मंत्रालय ने कहा कि संबंधित राज्यों को सलाह दी जा रही है कि वे राज्यों में आने वाले नागरिकों के लिए अस्पतालों और पृथक केंद्रों की व्यवस्था पहले से ही कर लें।
कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन से विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों सरकार वापस ले आएगी। विदेशों में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। केंद्र सरकार ने विमान और नेवी शिप के जरिए विदेशों से भारतीयों को निकालने को मंजूरी दी है।
भारत के हाई कमिशन और दूतावास फंसे हुए भारतीयों की लिस्ट तैयार कर रहे हैं। यह सुविधा पेमेंट के आधार पर होगी और कमर्शियल फ्लाइट्स उपलब्ध कराए जाएंगे। सात मई से कई चरणों में लोगों को निकाला जाएगा।
फ्लाइट लेने से पहले यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जाएगी। जिन भारतीयों में खांसी, बुखार या सर्दी के लक्षण पाए जाते हैं उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। यात्रा के दौरान, इन सभी यात्रियों को स्वास्थ्य मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। विदेश मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय जल्द ही अपनी वेबसाइटों के माध्यम से इसके बारे में विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।
भारत आने के बाद इन लोगों को 14 दिनों तक अस्पताल या किसी अन्य स्थान पर क्वारंटीन में रखा जाएगा। गृह मंत्रालय ने कहा कि गंतव्य पर पहुंचने पर सभी यात्रियों को आरोग्य सेतु एप पर पंजीकरण करना होगा और सभी की चिकित्सकीय जांच की जाएगी।
संबंधित राज्य सरकार द्वारा निर्धारित और भुगतान किए गए अस्पताल या संस्थागत केंद्र में 14 दिनों के लिए रखा जाएगा। गृह मंत्रालय ने कहा कि संबंधित राज्यों को सलाह दी जा रही है कि वे राज्यों में आने वाले नागरिकों के लिए अस्पतालों और पृथक केंद्रों की व्यवस्था पहले से ही कर लें।
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