प्रतीक्षा सिंह राणावत, Updated Tue, 19 May 2020 09:34 AM IST
आवाज देके हमें तुम बुलाओ
मोहब्बत में इतना ना हमको सताओ।
मोहब्बत में इतना ना हमको सताओ।
कला किसी भी परिचय की मोहताज नहीं होती। निधन तो कलाकार का होता है, कला तो हमेशा जिंदा रहती है। कला भले ही किसी को विरासत में मिली हो लेकिन उस कला को उसी तरह सजा संवारकर रखना कोई आम बात नहीं होती। कई कलाकार ऐसे भी होते हैं जो इस विरासत को ना केवल सजा संवारकर रखते हैं बल्कि उसे मेहनत मशक्कत कर और खूबसूरत बनाते हैं। इन्हीं कुछ कलाकारों में से एक थे मशहूर गीतकार हसरत जयपुरी।