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African Swine Flu Detected In Assam Thousands Of Pigs Died Due To It – असम में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू से 2500 सूअरों की मौत, देश में बीमारी का पहला मामला




प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : पिक्साबे

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एक ओर देश कोरोना वायरस से जूझ रहा है तो दूसरी ओर असम में स्वाइन फ्लू की आहट हुई है। असम सरकार ने रविवार को बताया कि अफ्रीकी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं। अब तक राज्य के सात जिलों के 306 गांवों में करीब 2500 सूअरों की इसकी वजह से मौत हो चुकी है।

राज्य के पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अनुमति मिलने के बाद भी राज्य तुरंत सूअरों को मारने के स्थान पर इस अत्यधित संक्रामण बीमारी को रोकने के लिए दूसरा तरीका अपनाएगा।

उन्होंने कहा, राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल ने इस बात की पुष्टि की है कि यह अफ्रीकी स्वाइन फ्लू है। केंद्र सरकार ने में जानकारी दी है कि यह इस बीमारी का देश में पहला मामला है। 

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा की गई साल 2019 की जनगणना के मुताबिक असम में सूअरों की संख्या 21 लाख थी, लेकिन अब यह बढ़ कर करीब 30 लाख हो गई है। 

बोरा ने कहा, ‘हमने विशेषज्ञों से चर्चा की है कि क्या हम तुरंत मारने के स्थान पर सूअरों को बचा सकते हैं। इस बीमारी से प्रभावित सूअर की मृत्यु लगभग निश्टित होती है। इसलिए हमने अभी तक बीमारी से बचे सूअरों को बचाने के लिए कुछ योजनाएं बनाई हैं।’

एक ओर देश कोरोना वायरस से जूझ रहा है तो दूसरी ओर असम में स्वाइन फ्लू की आहट हुई है। असम सरकार ने रविवार को बताया कि अफ्रीकी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं। अब तक राज्य के सात जिलों के 306 गांवों में करीब 2500 सूअरों की इसकी वजह से मौत हो चुकी है।

राज्य के पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अनुमति मिलने के बाद भी राज्य तुरंत सूअरों को मारने के स्थान पर इस अत्यधित संक्रामण बीमारी को रोकने के लिए दूसरा तरीका अपनाएगा।

उन्होंने कहा, राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल ने इस बात की पुष्टि की है कि यह अफ्रीकी स्वाइन फ्लू है। केंद्र सरकार ने में जानकारी दी है कि यह इस बीमारी का देश में पहला मामला है। 

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा की गई साल 2019 की जनगणना के मुताबिक असम में सूअरों की संख्या 21 लाख थी, लेकिन अब यह बढ़ कर करीब 30 लाख हो गई है। 

बोरा ने कहा, ‘हमने विशेषज्ञों से चर्चा की है कि क्या हम तुरंत मारने के स्थान पर सूअरों को बचा सकते हैं। इस बीमारी से प्रभावित सूअर की मृत्यु लगभग निश्टित होती है। इसलिए हमने अभी तक बीमारी से बचे सूअरों को बचाने के लिए कुछ योजनाएं बनाई हैं।’




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